राशियों की हृस्वादि सज्ञांऐ--- को 3 तीन प्रकार की बताई गई है
1. हृस्व सज्ञंक--मेष,वृषभ, कुंभ और मीन राशि हृृस्व सज्ञंंक राशियाँ हैं।
2. सज्ञंक-- मिथुन ,कर्क , धनु और मकर राशियाँ सम संज्ञक राशियाँ हैं।
3. दिर्घ सज्ञंक-- कन्या तुुुुुला और वृश्चिक राशियाँ दिर्घ सज्ञंंक राशियाँ हैं।
रूद्रभट के अनुसार राशियों की ह्रस्वादि संज्ञाएँ -:उनके मानों पर आधारित हैं । 20 और 24 राशि मान वाली राशियां ह्रस्व संज्ञक, 28 से 32 से राशिमान वाली राशियाँ सम संज्ञक तथा 36 और 40 राशिमान वाली राशियाँ दिर्घ संज्ञक हैं।
विभिन्न राशियों के राशिमान निम्नलिखित हैं:
राशिमान
| राशि | मान |
|---|---|
| मेष | 20 |
| वृषभ | 24 |
| मिथुन | 28 |
| कर्क | 32 |
| सिंह | 36 |
| कन्या | 40 |
| तुला | 40 |
| वृश्चिक | 36 |
| धनु | 32 |
| मकर | 28 |
| कुम्भ | 24 |
| मीन | 20 |
| राशियों की ह्रस्वादि संज्ञाओं का उपयोग: - फ़लित ज्योतिष में निम्नलिखित हैं: |
1.जातक के लग्न में जो राशि स्थित हैं, उसकी संख्या के आधार पर जातक की लंबाई का आकलन किया जा सकता है।
2.जिस भाव में जो राशि स्थित हैं ,उस भाव से संबंधित जातक का अंग लंबा ,छोटा अथवा मध्यम होगा।
3.प्रश्न कुंडली में ह्रस्व, दिर्घ एवं सम राशि के आधार पर चोर के कद के बारे में आकलन किया जा सकता है।
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