राशियों के वासदेश :- द्वादश राशियों के वासदेश निम्नलिखित हैं
राशियों के वासदेश
| राशि | वासदेश |
|---|---|
| मेष | पाटल |
| वृषभ | कर्नाट |
| मिथुन | चर |
| कर्क | चोल |
| सिंह | पाण्ड्य |
| कन्या | केरल |
| तुला | कोल्लास |
| वृश्चिक | मलय |
| धनु | सैन्धव |
| मकर | पाञ्चाल |
| कुम्भ | यवन |
| मीन | कौशल |
राशियों के वासदेश का फल एवं उपयोग : निम्नलिखित हैं
● भाव विशेष में स्थित राशि से इस तथ्य की जानकारी मिलती हैं, की जातक को उस भाव से सम्बन्धित फल किस देश में मिलेगा।
● भावेश जिस राशि ने स्थित होता है, उस राशि से सम्बन्धित देश में उस भावेश से संबंधित फल प्राप्त होने की संभावना होती हैं।
● सप्तमेश जिस राशि में स्थित है, उस राशि से सम्बन्धित देश में जातक का विवाह हो सकता है।
●एकादश भाव में जो राशि स्थिति हैं,तो जातक को आय की प्राप्ति एकादश भाव में स्थित देश से होगी।
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